देहरादून। राजधानी के सबसे बड़े राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय से एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ एसटीआई (यौन संचारित संक्रमण) विभाग के एक काउंसलर पर जांच के बहाने महिला मरीज से अभद्रता और बेसमेंट में ले जाकर दुष्कर्म के प्रयास का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है, वहीं अस्पताल प्रशासन ने उसे तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।
काउंसलिंग रूम में अंधेरे का फायदा उठाकर छेड़छाड़
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला कुछ दिन पहले महिला एवं प्रसूति रोग विभाग में इलाज के लिए आई थी। जांच में निजी अंग में संक्रमण की बात सामने आने पर उसे मंगलवार को फॉलोअप और दवा के लिए दोबारा बुलाया गया था। महिला जब एसटीआई विभाग के काउंसलर के पास पहुंची, तो आरोपी ने जांच की बात कही। पीड़िता का आरोप है कि इसी दौरान कमरे की बिजली चली गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने उसे कपड़े उतारने को कहा और बिना ग्लव्स पहने काफी देर तक छेड़छाड़ की।
अंधेरे बेसमेंट में ले जाकर की दरिंदगी की कोशिश
महिला द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपी उसे सही तरीके से जांच कराने के बहाने अस्पताल के सुनसान और अंधेरे बेसमेंट में ले गया।
“आरोपी मुझे बेसमेंट के एक कोने में प्लाई से ढके स्थान पर ले गया और दोबारा कपड़े उतारने का दबाव बनाने लगा। खुद को असुरक्षित देख मैंने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया, जिसके बाद आरोपी डरकर मौके से भाग खड़ा हुआ।” — पीड़ित महिला
अस्पताल में हड़कंप, आरोपी को नौकरी से निकाला
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और सुरक्षाकर्मी मौके पर इकट्ठा हो गए, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आगे की जांच महिला सेल को सौंप दी गई है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह की घिनौनी हरकतें अस्पताल परिसर में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आरोपी कर्मचारी को तुरंत हटा दिया गया है और पुलिस जांच के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।





