ऋषिकेश। इंटरनेट मीडिया के जरिये बिचौलिए के संपर्क में आई महिला बार्डर पार कर बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में घुस आई।
बंगाल में महिला ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड भी बनवा लिया। वहां से दो दिन पहले महिला ऋषिकेश पहुंची। बुधवार को आरोपित महिला को पुलिस ने ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया।
क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश नीरज सेमवाल ने बताया कि स्थानीय अभिसूचना इकाई से सूचना मिली कि एक बांग्लादेशी महिला को अवैध रूप से ऋषिकेश में आई है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने टीम गठित कर बांग्लादेशी महिला की तलाश शुरू करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश पुलिस व स्थानीय अभिसूचना इकाई की संयुक्त टीम गठित कर तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम ने नटराज चौक क्षेत्र के डग रोड स्थित गेट नंबर तीन के पास संदिग्ध महिला को गिरफ्तार कर लिया।
एक व्यक्ति के जरिये अवैध रूप से भारत पहुंची महिला
सीओ ने बताया कि पूछताछ में महिला ने अपना नाम 24 वर्षीय रीना उर्फ रीता पत्नी जुलहस निवासी गांव चोर्दुपुरिया शाकीमाली मातवर कांदी थाना-जजीरा जिला सरियातपुर ढाका डिवीज़न बांग्लादेश बताया। महिला ने बताया कि वह करीब एक माह पूर्व एक व्यक्ति के जरिये अवैध रूप से भारत पहुंची।
इंटरनेट मीडिया के माध्यम से वह उसके संपर्क में आई थी। उक्त व्यक्ति ने उसे भारत में रोजगार दिलाने का भरोसा दिया था। 13 अप्रैल को दिल्ली से ऋषिकेश आई थी। सीओ ने बताया कि आरोपित महिला ने बंगाल में फर्जी दस्तावेजों के आधार कार्ड बनवा लिया। जिसका उपयोग भारत में अपनी पहचान छुपाने के लिए कर रही थी।
उसके पास से बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र, फर्जी भारतीय आधार कार्ड, बांग्लादेश नागरिकता प्रमाण पत्र की छायाप्रति बरामद हुई। पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक भरत सिंह रावत, उपनिरीक्षक अरविंद पंवार, एलआईयू के हेड कांस्टेबल अंकुर कुमार, विचित्र वत्स, हेड कांस्टेबल ईश कुमार, कांस्टेबल तेजपाल, मित्रा शामिल रहे।
बिचौलिए की तलाश को टीम गठित
ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट ने बताया कि जिस बिचौलिए के जरिये महिला अवैध रूप से भारत पहुंची उसकी तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और अधिक जानकारी सामने आएगी।
उसके बाद ही पता चल पाएगा कि उसने और कितने लोगों से अवैध घुसपैठ के जरिये भारत पहुंचाया। बिचौलिए की गिरफ्तार के लिए टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है।





