देहरादून। उत्तराखण्ड के विभिन्न जनपदों में बच्चों की जान-माल की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
यह निर्णय मानव-वन्यजीव संघर्ष, शीतलहर तथा घने कोहरे जैसी आपदा-सम्भावित परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है।
जनपद नैनीताल के विकासखण्ड धारी, ओखलकांडा एवं रामगढ़ क्षेत्रों में विगत दिनों से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि तथा आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता की सूचना प्राप्त हो रही है।
इन क्षेत्रों की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बच्चों को विद्यालय व आंगनबाड़ी केन्द्रों तक पहुँचने के लिए सुनसान मार्गों, पगडंडियों एवं वन क्षेत्रों से होकर आना-जाना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इसी को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के अंतर्गत 15 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक (तीन दिवस) संबंधित विकासखण्डों में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12) तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में अवकाश घोषित किया है।
इस अवधि में किसी भी बच्चे को विद्यालय या आंगनबाड़ी केन्द्र में बुलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वन विभाग, पुलिस एवं आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय कर स्थिति की सतत समीक्षा की जाएगी।
वहीं जनपद उधमसिंह नगर में भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 15, 16 एवं 17 जनवरी 2026 को शीतलहर (Cold Wave) की स्थिति बने रहने की संभावना है।
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 12 तक तीन दिवसीय शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है।
हालांकि, कक्षा 10 एवं कक्षा 12 के बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी को देखते हुए यदि कोई विद्यालय अध्ययन, प्रयोगिक या प्री-बोर्ड परीक्षा से संबंधित शैक्षणिक गतिविधि आयोजित करना चाहता है, तो इसके लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी, उधमसिंह नगर से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
इसी क्रम में जनपद हरिद्वार में भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा घने से बहुत घने कोहरे एवं शीतलहर की चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है।
इसके चलते 15 जनवरी 2026 को जिले के नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी शासकीय, अर्द्ध-शासकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में पठन-पाठन कार्य पूर्णतः बंद रहेगा।
हालांकि, विद्यालय प्रबंधन छात्रहित में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में ऑनलाइन शिक्षण संचालित कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
किसी भी विद्यालय या आंगनबाड़ी केन्द्र द्वारा आदेशों की अवहेलना किए जाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के अंतर्गत कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।





