देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉल का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण कर महिलाओं से उनके उत्पादों, बिक्री और स्वरोजगार से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं के हुनर और मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
रक्षाबंधन से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियां भी खरीदीं और उनके प्रयासों का उत्साह बढ़ाया।
राखी बांधने के बाद पैर छूने लगी महिला, CM धामी ने रोका
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी एक महिला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधी। राखी बांधने के बाद महिला मुख्यमंत्री के पैर छूने के लिए झुकी, लेकिन मुख्यमंत्री धामी ने तुरंत उन्हें रोक दिया।
मुख्यमंत्री ने महिला को पैर छूने से मना करते हुए खुद हाथ जोड़ लिए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने भी इस भावुक क्षण को देखा। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

महिलाओं से उनके उत्पादों की ली जानकारी
मुख्यमंत्री धामी ने स्टॉल पर मौजूद महिलाओं से बातचीत कर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं किस तरह उत्पाद तैयार कर रही हैं और उन्हें बाजार उपलब्ध कराने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों को महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राखियां खरीदकर बढ़ाया महिलाओं का हौसला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियां खरीदीं। उन्होंने कहा कि स्थानीय महिलाओं के हाथों से तैयार उत्पादों को खरीदना उनके श्रम और हुनर को सम्मान देने का भी माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी आय के साधन भी मजबूत होते हैं। उन्होंने महिलाओं से स्थानीय उत्पादों को और बेहतर बनाने तथा उन्हें व्यापक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में लगातार काम करने का आह्वान किया।





