लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाकर ट्रेन न रोकी होती तो बड़ा हादसा हो जाता। दोनों 100 से अधिक वाहन ओर खड़े थे। मसूरी एक्सप्रेस दिल्ली से देहरादून आ रही थी। लोको पायलट को नकरौंदा फाटक के बंद होने का मैन्युअल तरीके से ग्रीन सिग्नल मिल गया था। ट्रेन आगे बढ़ रही थी तभी गेटमैन ने अचानक नकरौंदा फाटक खोल दिया। इससे वाहन ट्रैक पार करने लगे।
डोईवाला और हर्रावाला के बीच नकरौंदा में ट्रेन गुजरने से ठीक पहले गेटमैन ने फाटक खोल दिया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रेन रोक दी। उस वक्त फाटक के दोनों ओर 100 से अधिक वाहन खड़े थे, ऐसे में बड़ा हादसा बच गया। घटना के बाद रेलवे ने गेटमैन को निलंबित कर दिया है।




